कोरोना वाईरस के कारण
दिनांक 21 मार्च 2020 से दिनांक 31 मार्च 2020
तक निबंधन कार्य शासन द्वारा स्थगित कर दिया गया है

उ.प्र. निबन्धन लिपिक संघ

संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद से संयुक्त संघ

” हम हमारी आदरणीय महानिरीक्षक महोदया श्रीमती मिनिस्ती एस के आभारी हैं व सदैव रहेंगे”

अघ्यक्ष
श्री
 शंकर बहादुर सिंह

महामन्त्री
श्री विश्वनाथ प्रताप


वरिष्ठ उपाघ्यक्ष
श्री चंद्रशेखर शाही।

तुम्हारी आलोचना सदैव वह व्यक्ति करेगा जो तुमसे योग्यता में कम है।

निप्से हस्ल

दिनांक 26 नवबंर को प्रतिवर्ष निबंधन दिवस मनाया जाता है।


निबंधन का इतिहास

अंग्रेजी शासनकाल के प्रादुर्भाव के बाद लेखपत्रों के रजिस्ट्रीकरण की प्रथा वर्तमान उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में ईसवी सन 1793 से चली आ रही है। उसके पहले नवाबियों के समय में काजी लेख-पत्रों  का रजिस्ट्रीकरण करते थे जिसके कछ अभिलेख अब भी उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रीकरण विभाग के अभिलेखागारों में पाये जाते हैं। तत्कालीन अवध प्रान्त के अंग्रेजी साम्राज्य में मिलाये जाने के बाद अवध में भी रजिस्ट्रीकरण की व्यवस्था लागू की गई।

निबंधन सहायक पद की उत्पत्ति

हमारे संघ के दो पद हैं,
कनिष्ठ सहायक निबंधन और वरिष्ठ सहायक निबन्धन
पूर्व पदनाम “निबंधन लिपिक” व “वरिष्ठ निबंधन लिपिक” पद की उत्पत्ति तथा समस्त सेवा शर्तो का उल्लेख रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 में है।
जिला स्तर पर वरिष्ठ सहायक निबंधन के 57 पद हैं और तहसील स्तर पर उप निबंधक कार्यालय में कनिष्ठ सहायक निबंधन के 1125 पद  हैं।

हमारा गर्व

निम्न कनिष्ठ सहायक निबंधन “पूर्व पदनाम निबंधन लिपिक” पदाेन्नति द्वारा सहायक महानिरीक्षक निबंधन पद से सेवानिवृत्त हुए-
1. डी० पी० नरायन 9415601248
2. हरीश चन्द्र श्रीवास्तव

हमारी कर्तव्यपरायणता

उत्तर प्रदेश स्टाम्प व पंजीकरण विभाग के लगभग 150 कार्यालयों में कनिष्ठ सहायक निबंधन अथवा वरिष्ठ सहायक निबंधन पूर्णकालिक उपनिबंधक के दायित्वों का निर्वहन कर रहें हैं तथा सभी उपनिबंधक कार्यालयों में उपनिबंधक की अनुपस्थित में उपनिबंधक के दायित्वों का निर्वहन कर रहें हैं।
उत्तर प्रदेश स्टाम्प व निबंधन विभाग को हमने राज्य का तीसरा सबसे बड़ा राजस्व संग्रहकर्ता बना दिया है।

भ्रान्ति स्पष्टीकरण

समय समय पर शासन व उच्चाधिकारियों को पदनाम में “लिपिक” शब्द व वर्तमान में “सहायक” शब्द के कारण यह भ्रान्ति उत्पन्न होती रहती है की हमारी सेवा लिपकीय सेवा है जबकी
हमारी सेवा विशेष है व रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1908 द्वारा निर्धारित होती है।


हम कनिष्ठ सहायक निबंधन व वरिष्ठ सहायक निबंधन हैं।
हमें कनिष्ठ सहायक व वरिष्ठ सहायक न समझे।

निबंधन शब्द के कारण यह पद भिन्न व विशेष है।

हम उप निबंधक की अनुपस्थिति में उप निबंधक का पद धारण करते हैं जोकि उप जिलाधिकारी के समकक्ष है।

अधिक जानकारी के लिए अघ्यक्ष‚ महामंत्री अथवा वरिष्ठ उपाघ्यक्ष से सम्पर्क करें।

हम एक वरिष्ठ सहायक निबन्धन के रूप में क्या करते हैं?

  • जिला रजिस्ट्रार और सहायक आयुक्त स्टाम्प के मघ्य सेतु का कार्य करते है।
  • हर स्तर पर सहायक आयुक्त स्टाम्प की मदद करते है।
  • स्टाम्प और पंजीकरण विभाग से संबंधित कार्य के लिए जिला रजिस्ट्रार की मदद करते है।
  • जिले में कनिष्ठ सहायक निबन्धन की पोस्टिंग का रिकार्ड रखते है।
  • पूरे जिले के विभागीय लोगों द्वारा लिए गये अवकाश का रिकार्ड रखते है।
  • पूरे जिले के विभागीय लोगों के लिए वेतन से संबंधित कागज का सृजन करते हैं।
  • पूरे जिले के विभागीय लोगों की सेवा पुस्तिका और सेवा का रिकॉर्ड  रखते हैं।
  • मुख्यालय के लिए सभी सूचना इकटठा करते है।

हम कनिष्ठ सहायक निबन्धन के रूप में क्या करते हैं?

  • उप निबंधक की अनुपस्थिति में उप निबंधक पद धारण कर विलेख पंजीकरण का कार्य करते है।
  • पंजीकृत विलेख में धारा 52‚ 58 व 59 पर हस्ताक्षर कर सत्यापित करतेेे हैं।
  • विलेखो की जाँच का कार्य करते है।
  • स्टाम्प की गणना करने का कार्य करते है।
  • यदि स्टाम्प कम है तो स्टाम्प जब्ती के रूप में चिह्नित करने का कार्य करते है।।
  • पंजीकरण शुल्क की गणना का कार्य करते है।
  • संपत्ति और लेनदेन के विषय में पूछ-ताछ का कार्य करते है।
  • प्रथम  दृष्टया विक्रेता अथवा क्रेता की मानसिक स्थति पता करने कार्य करते है।
  • फोटो और अंगूठे लेना का कार्य करते है।
  • यदि कोई पक्षकार उपस्‍थित नहीं है तो पार्टी पोस्टपोन करने का कार्य करते है।
  • ऑनलाइन आवेदन पूर्ण कर उप निबंधक पोर्टल पर भेजने का कार्य करते है।
  • स्थल निरीक्षण चिह्नित करना और स्टाम्प चोरी खोजने में मदद करने का कार्य करते है।
  • पंजीकृत विलेख संरक्षण व पंजीकृत विलेख की सॉफ्ट कॉपी बनाकर साइट पर अपलोड करने का कार्य करते हैं।
  • प्रमाणित प्रतियां बनाने का कार्य करते है।
  • भार-प्रमाण पत्र बनाने का कार्य करते है।
  • विवाह आवेदन की जाँच करना और अंगूठे ऑनलाइन लेने का कार्य करते है।
  • मुख्यालय के लिए सभी सूचना इकटठा करते है।

हम प्रतिदिन विधिक, वित्तीय तथा साधारण तकनीकी कार्य एक साथ करते हैं

पृष्ठभूमि

संघ का गठन शासनादेश संख्या 440-1/4-166 दिनांक 30.11.1934 के अंतर्गत किया गया था।

उददेश्य

प्रत्येक सदस्य को सक्षम बनाना, पद की गरिमा व सम्मान बनाये रखना, शासन व उच्चाधिकारियों को पद की समस्याओं से अवगत कराना व समुचित हल निकालना संघ का उद्देश्य है।

नेतृत्व

समय के साथ नेतृत्व में परिवर्तन होता गया। मुख्य परिवर्तन अध्यक्ष श्री जी0 के0 सेठी व महामंत्री श्री एस0 बी0 सिंह के समय हुआ। श्री एस0 बी0 सिंह ने संघ में नई जान डाल दी। बाद में श्री एस0 बी0 सिह अघ्यक्ष बने तथा श्री प्रशान्त यादव महामंत्री बने और संघ के कुछ महत्वपूर्ण कार्य किये। पुनः चुनाव 2019 में भारी बहुमत से श्री एस0 बी0 सिंह अघ्यक्ष बने तथा श्री विश्वनाथ महामंत्री बने।

मुख्य समस्याएं

1. वरिष्ठ सहायक निबंधन/ कनिष्ठ सहायक निबंधन नियमावली प्रख्यापित कराना।

2. उप निबंधक के पद पर पदोन्नति।

3. एसीपी लाभ कर्मचारियों के लिए आसान बनाना।

4. 392 भाईयों का सेवा समायोजन।

5. 2800 ग्रेड पर ज्वाईनिंग।

6. मंडल के अंदर स्थानांतरण।

तुम बहादुर हो। अपने आप को पहचानो।

वरिष्ठ संगठन
मंत्री
श्री बद्री प्रसाद त्रिपाठी

यह साइट श्री बद्री प्रसाद त्रिपाठी के प्रोत्साहन का परिणाम है।

हमें ईमेल करें – [email protected]

Stamps and Registration Department Uttar Pradesh
स्टांप व पंजीयन विभाग उत्तर प्रदेश
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UP Nibandhan Sahayak Sangh